[vc_row full_width=”stretch_row_content” css=”.vc_custom_1479556153470{background-image: url(http://templeinhimachal.com/wp-content/uploads/2016/11/border.png?id=44) !important;background-position: center !important;background-repeat: no-repeat !important;background-size: contain !important;}”][vc_column width=”1/6″][/vc_column][vc_column width=”2/3″][vc_empty_space height=”100px”][vc_custom_heading text=”गंगा मैया जी की आरती” font_container=”tag:h2|font_size:35|text_align:center|color:%23bf0000″ use_theme_fonts=”yes”][vc_text_separator title=”” i_icon_fontawesome=”fa fa-sun-o” i_color=”custom” color=”custom” el_width=”50″ add_icon=”true” i_custom_color=”#bf0000″ accent_color=”#bf0000″][vc_column_text]
ॐ जय गंगे माता मैया जय गंगे माता । जो नर तुमको ध्याता मनवांछित फल पाता ।। ॐ जय गंगे माता मैया जय गंगे माता ।।
चंद्र सी ज्योति तुम्हारी जल निर्मल आता । शरण पड़े जो तेरी सो नर तर जाता ।। ॐ जय गंगे माता मैया जय गंगे माता ।।
पुत्र सगर के तारे सब जग को ज्ञाता । कृपा दृष्टि तुम्हारी त्रिभुवन सुखदाता ।। ॐ जय गंगे माता मैया जय गंगे माता ।।
एक ही बार जो तेरी शारणागति आता । यम की त्रास मिटा कर परमगति पाता ।। ॐ जय गंगे माता मैया जय गंगे माता ।।
आरती मात तुम्हारी जो जन नित्य गाता । दास वही सहज में मुक्त्ति को पाता ।। ॐ जय गंगे माता मैया जय गंगे माता ।।
चंद्र सी ज्योति तुम्हारी जल निर्मल आता । शरण पड़े जो तेरी सो नर तर जाता ।। ॐ जय गंगे माता मैया जय गंगे माता ।।
पुत्र सगर के तारे सब जग को ज्ञाता । कृपा दृष्टि तुम्हारी त्रिभुवन सुखदाता ।। ॐ जय गंगे माता मैया जय गंगे माता ।।
एक ही बार जो तेरी शारणागति आता । यम की त्रास मिटा कर परमगति पाता ।। ॐ जय गंगे माता मैया जय गंगे माता ।।
आरती मात तुम्हारी जो जन नित्य गाता । दास वही सहज में मुक्त्ति को पाता ।। ॐ जय गंगे माता मैया जय गंगे माता ।।
।। ॐ जय गंगे माता मैया जय गंगे माता ।।।। ॐ जय गंगे माता मैया जय गंगे माता।।
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