आरती माता चिंतपूर्णी जी की

माता चिंतपूर्णी जी की आरती जय चिंतपूर्णी माता, चिंता हरो माता। जीवन मे सुख दे दो ,कष्ट हरो माता। उच्चा पर्वत तेरा, झण्डे झूल रहे। करे आरती सारे, मन मे फूल रहे।।  सती के शुभ चरणों पर मंदिर है भारी। छिंन  मस्तिका कहते सारे संसारी। माईदास एक ब्राह्मण ,स्वप्न दरस दिए। पूजा पिण्डी ध्यान कर, आनन्द भाव किये।।  बरगद…