श्री कृष्णाष्टकम

श्री कृष्णाष्टकम श्री शंकराचार्यकृतम भजे व्रजैकमण्डनं समस्त पापखण्डनं स्वभक्त चितरन्नजनं सदैव नन्दनन्दनम। सुपिच्छ गुच्छमस्तकं सुनदवेणुहस्तकं अनंगरंगसागरं नमामि कृष्णनागरम।।१।।   मनोज गर्वमोचनं विशाललोललोचनं विधूतगोपशोचनं नमामि पद्यलोचनम। करारविन्दभूधरं सिमतावलोकसुन्दरं महेंद्रमानदारणं नमामि कृष्णवारणम।।२।।   कदम्बसूनकुण्डलं सुचारू गण्डमण्डलं व्रजाङ्गनैकवल्लभं नमामि कृष्णदुर्लभम। यशोदया समोदया सगोपया सनन्दया युतं सुखैकदायकं नमामि गोपनायकम।।३।।   सदैव पादपंकजं मदियमानसे निजं दधानमुतमालकं नमामि नन्दबालकम। समस्त दोषशोषणं…

आरती माता दुर्गा जी की

माता दुर्गा जी की आरती जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी तुम को निस दिन ध्यावत मैयाजी को निस दिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिवजी ।। जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी ।। माँग सिन्दूर विराजत टीको मृग मद को । मैया टीको मृगमद को उज्ज्वल से दो नैना चन्द्रवदन नीको ।। जय अम्बे…

तुलसी माता के मंत्र

तुलसी माता के बारे में कुछ बातें……. तुलसी माता को पवित्र हिंदू धर्म में देवी माता का रूप माना गया है तथा इसकी पूजा की जाती है। पवित्र ग्रंथो के मुताबिक तुलसी का हर घर में होना जरुरी होता है। जिस घर के सामने तुलसी का पौधा होता है उस घर में कभी अकाल मृत्यु…

आरती माता लक्ष्मी जी की

माता लक्ष्मी जी की आरती ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता। तुमको निशिदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता।ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।। उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता। सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता।ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।। दुर्गा रुप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता। जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि…

आरती माता चिंतपूर्णी जी की

माता चिंतपूर्णी जी की आरती जय चिंतपूर्णी माता, चिंता हरो माता। जीवन मे सुख दे दो ,कष्ट हरो माता। उच्चा पर्वत तेरा, झण्डे झूल रहे। करे आरती सारे, मन मे फूल रहे।।  सती के शुभ चरणों पर मंदिर है भारी। छिंन  मस्तिका कहते सारे संसारी। माईदास एक ब्राह्मण ,स्वप्न दरस दिए। पूजा पिण्डी ध्यान कर, आनन्द भाव किये।।  बरगद…

श्री रुद्राष्टक

श्री रुद्राष्टक नमामि शमीशान निर्वाण रूपं विभुं व्यापकं ब्रह्म वेदस्वरूपं। निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं चिदाकाश आकाशवासं भजेयहं।। निराकार ओंकार मूलं तुरीयं गिरिजा ज्ञान गोतीतमीशं गिरीशं। करालं महाकाल कालं कृपालं गुणागार संसार पारं नतोहम।। तुषारादि संकाश गौरं गम्भीरं मनोभूत कोटि प्रभा श्री शरीरं। स्फुरन्मौलि कल्लेलिनी चारुगंगा लसद् भालबालेंदु कण्ठे भुजंगा।। चलत्कुंडलं भ्रूसुनेत्रं विशालं प्रसन्नाननं नीलकण्ठं दयालुम्।…

गायत्री मंत्र

गायत्री मंत्र ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्यः धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् ॥ हे प्रभु! आप हमारे जीवन के दाता हैं और हमारे सब कुछ हैं    आप ही हमारे कष्ट और पीड़ा  को  दूर करते हैं आप ही हमें सुख़ और शांति प्रदान करते हैं “हे समस्त संसार के पालन हार ” आप हमें इतनी शक्ति दो कि हम आपको प्राप्त कर सकें । कृपा  करके आप हमारे मन, बुद्धि (दिमाग़ )को सही रास्ता दिखायें।

आरती माता सरस्वती जी की

माता सरस्वती जी की आरती जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता। सदगुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता।जय सरस्वती माता मैया जय सरस्वती माता।। चन्द्रवदनि पद्मासिनि, ध्रुति मंगलकारी। सोहे शुभ हंस सवारी, अतुल तेजधारी। जय सरस्वती माता मैया जय सरस्वती माता।। बाएं कर में वीणा, दाएं कर माला। शीश मुकुट मणि सोहे, गल मोतियन माला। जय…

अहोई अष्टमी व्रत

संतान रक्षा का अहोई अष्टमी व्रत अहोई अष्टमी का व्रत कार्तिक कृष्ण पक्ष की आठवीं तिथि को किया जाता है। इस दिन माताईयेँ अपने बच्चों की सुरक्षा व दीर्घायु के लिए सारा दिन उपवास करतीं हैं ओर शाम को अहोई माता की पूजा व कथा करके व्रत का अनुष्ठान करतीं हैं। अहोई माता के चित्र…

आरती शनिदेव जी की

भगवान शनिदेव जी की आरती जय शनि देवा, जय शनि देवा, जय जय जय शनि देवा। अखिल सृष्टि में कोटि-कोटि जन करें तुम्हारी सेवा। जय शनि देवा, जय शनि देवा, जय जय जय शनि देवा ।। जा पर कुपित होउ तुम स्वामी, घोर कष्ट वह पावे।  धन वैभव और मान-कीर्ति, सब पलभर में मिट जावे। जय शनि…