सत्यनारायण व्रत कथा (द्वितीय अध्याय)

सत्यनारायण व्रत कथा (द्वितीय अध्याय) द्वितीय अध्याय सूत जी ने कहा- हे ऋषियों जिन्होंने पहले समय मैं इस व्रत को किया उनका इतिहास कहता हूं आप सब ध्यान से सुने सुंदर काशीपुर नगरी में एक अत्यंत निर्धन ब्राह्मण रहता था मैं ब्राह्मण भूख और प्यास से बेचैन होकर है वह नित्य पृथ्वी पर घूमता था…

सत्यनारायण व्रत कथा (प्रथम अध्याय)

सत्यनारायण व्रत कथा (प्रथम अध्याय ) पूजन सामग्री केले के खंम्बे  (कदलीस्तम्भ), कलश , पंचपल्लव, पंचरतन, श्रीफल, कलावा, यज्ञोपवीत, चौकी, ध्रुव, गंगाजल, कच्चाधागा (मौली), गणेश भगवान (चित्र), काँसे का वर्तन,कुमकुम, सुपारी, चावल, धूप, पुष्पों की माला, पान के पत्ते, तुलसी,दीप, नैवैद्य ,गुलाब के फूल, वस्त्र, आम के पत्तों का बंधनवार, पांच रतन, कपूर, रोली, फल,…

आरती श्री जय जगदीश हरे

आरती श्री जय जगदीश हरे ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय दीनानाथ हरे,स्वामी जय जय राधेश्याम हरे। भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट क्षण में दूर करे, हरि॥ ॐ जय जगदीश हरे ॥ जो ध्यावे फल पावे, दुःख विनसे मन का भगवन दुःख विन से मन का। सुख सम्पत्ति घर आवे, कष्ट मिटे…

आरती श्री अहोई माता की

आरती श्री अहोई माता जी की । जय अहोई माताय जय अहोई माता । ।। तुमको निशदिन सेवत हरी विष्णु विधाता ।। । जय अहोई माता ब्राह्मणी रुद्राणी कमला तू ही है जगमाता । । सूर्य चन्द्रमा ध्यावत नारद ऋषि गाता ।। जय अहोई माता ।। माता रूप निरंजन सुख सम्पति दाता। जो कोई तुमको…

आरती माता पार्वती जी की

माता पार्वती जी की आरती जय पार्वती माता जय पार्वती माता | ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल कदा दाता ॥ जय पार्वती माता जय पार्वती माता ॥ अरिकुल पद्य विनासनि जयसेवक त्राता । जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुण गाता ॥ जय पार्वती माता जय पार्वती माता॥ सिंह को वाहन साजे कुण्डल है साथा । देव वधू जहं गावत नृत्य करत…

आरती माता वैष्णो जी की

माता वैष्णो जी की आरती जय वैष्णवी माता मैया जय वैष्णवी माता । हाथ जोड़ तेरे आगे आरती मैं गाता  ॥ जय वैष्णवी माता मैया जय वैष्णवी माता ॥ शीश पर छत्र बिराजे मूरतिया प्यारी । गंगा बहती चरनन ज्योति जगे न्यारी  ॥ जय वैष्णवी माता मैया जय वैष्णवी माता ॥ ब्रह्मा वेद पढे नित द्वारे शंकर ध्यान धरे…

आरती श्री विश्वकर्मा जी की

आरती श्री विश्वकर्मा जी की जय श्री विश्वकर्मा प्रभु जय श्री विश्वकर्मा। सकल सृष्टि के करता, रक्षक स्तुति धर्मा ।। जय श्री विश्वकर्मा प्रभु जय श्री विश्वकर्मा।। आदि सृष्टि मे विधि को श्रुति उपदेश दिया। जीव मात्रा का जग मे ज्ञान विकास किया ।। जय श्री विश्वकर्मा प्रभु जय श्री विश्वकर्मा।। ऋषि अंगीरा तप से…

श्री शनि

श्री शनि ।।स्तुति।। ॐ शन्नो देवीरभिष्टाय अहो भवन्तु पीतये। शं योरभिः स्त्रवन्तु नः।। ।। दोहा।। जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल। दीनन के दुःख दूर करी,कीजै नाथ निहाल।। जय जय श्री शनिदेव प्रभु, सुनहु विनय महाराज। करहु कृपा हे रवि तनय, राखहु जन की लाज।। श्री शनि चालीसा ।। चौपाई।। जयति जयति शनिदेव दयाला।…

आरती गंगा मैया जी की

गंगा मैया जी की आरती ॐ जय गंगे माता मैया जय गंगे माता । जो नर तुमको ध्याता मनवांछित फल पाता ।। ॐ जय गंगे माता मैया जय गंगे माता ।। चंद्र सी ज्योति तुम्हारी जल निर्मल आता । शरण पड़े जो तेरी सो नर तर जाता ।। ॐ जय गंगे माता मैया जय गंगे माता ।।…

भगवान विष्णु मंत्र

भगवान विष्णु मंत्र । त्वमेव माता, च पिता त्वमेव । ।। त्वमेव बन्धु च सखा त्वमेव ।। । त्वमेव विद्या च द्रविनम त्वमेव । ।। त्वमेव सर्वम मम देव देव ।।  विष्णुध्यानम मंत्र । शान्ताकरं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं । ।। विश्र्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम ।। । लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यम । ।। वन्दे विष्णु भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम ।।