सत्यनारायण व्रत कथा (चतुर्थ अध्याय)

सत्यनारायण व्रत कथा (चतुर्थ अध्याय) चतुर्थ अध्याय श्री सूतजी ने कहा-वैश्य ने मंगलवार करके यात्रा आरंभ की ओर अपने नगर चला। उनके थोड़ी दूर आगे बढ़ने पर दण्डी वेशधारी श्री सत्यनारायण भगवान् ने उससे पुछा हे-साधु! तेरी नाव में क्या है? अभिमानी वणिक हँसता हुआ बोला-हे दण्डी! आप क्यों पूछते हैं? क्या धन लेने की…

साईंबाबा जी के 108 नाम

साईंबाबा जी के 108 नाम साईंनाथ लक्ष्मी नारायण शेषशायिने भक्तह्रदालय सर्वह्रन्निलय भूतावासा कालातीताय काल कालकाल कालदर्पदमन मृत्युंजय अमत्य्र मर्त्याभयप्रद जिवाधारा सर्वाधारा भक्तावनसमर्थ योगक्षेमवहाय मार्गबन्धवे परमेश्वर परब्रह्म परमात्मा प्रिय प्रीतिवर्द्धनाय अन्तर्यामी सच्चिदात्मने नित्यानन्द परमसुखदाय ज्ञानस्वरूपी जगतपिता प्रेमप्रदाय कर्मध्वंसिने पावनानघाय अमृतांशवे भास्करप्रभाय सिद्धेश्वराय सिद्धसंकल्पाय योगेश्वराय भगवते भक्तवत्सलाय सत्पुरुषाय पुरुषोत्तमाय दक्षिणामूर्तये प्रपन्नार्तिहराय संसारसर्वदु सर्वान्तर्बहि सूक्ष्माय जयिने तीर्थाय वासुदेव…

सत्यनारायण व्रत कथा (तृतीय अध्याय)

सत्यनारायण व्रत कथा (तृतीय अध्याय) तृतीय अध्याय श्री सूत जी ने कहा- हे ऋषि श्रेष्ठ मुनियों! अब आगे की एक कथा कहता हूं। पूर्व काल मेंउल्कामुख नाम का एक महान बुद्धिमान राजा था। वह सत्यवक्ता और जितेंद्रिय था। प्रतिदिन देवस्थानों पर जाता तथा गरीबों को धन देख कर देकर उनके कष्ट दूर करता था। उसकी पत्नी…

सूर्य देव जी के 108 नाम

सूर्य देव जी के 108 नाम अरुण शरण्य करुणारससिन्धु असमानबल आर्तरक्षक आदित्य आदिभूत अखिलागमवेदिन अच्युत अखिलज्ञ अनन्त इना विश्वरूप इज्य इन्द्र भानु इन्दिरामन्दिराप्त वन्दनीय ईश सुप्रसन्न सुशील सुवर्चस वसुप्रद वसु वासुदेव उज्ज्वल उग्ररूप ऊर्ध्वग विवस्वत उद्यत्किरणजाल हृषीकेश ऊर्जस्वल वीर निर्जर जय ऊरुद्वयाभावरूपयुक्तसारथी ऋषिवन्द्य रुग्घन्त्र ऋक्षचक्रचर ऋजुस्वभावचित्त नित्यस्तुत्य ऋकारमातृकावर्णरूप उज्ज्वलतेजस् ऋक्षाधिनाथमित्र पुष्कराक्ष लुप्तदन्त शान्त कान्तिद घन…

कृष्ण जी के 108 नाम

कृष्ण जी के 108 नाम अचला अच्युत अद्भुतह आदिदेव अदित्या   अजंमा अजया  अक्षरा अम्रुत  अनादिह  आनंद सागर  अनंता  अनंतजित  अनया अनिरुध्दा अपराजीत  अव्युक्ता  बालगोपाल बलि चतुर्भुज  दानवेंद्रो  दयालु  दयानिधि देवाधिदेव देवकीनंदन  देवेश  धर्माध्यक्ष द्वारकाधीश  गोपाल  गोपालप्रिया गोविंदा ज्ञानेश्वर  हरि  हिरंयगर्भा ऋषिकेश  जगद्गुरु जगदिशा  जगन्नाथ  जनार्धना  जयंतह ज्योतिरादित्या कमलनाथ  कमलनयन कामसांतक  कंजलोचन  केशव  कृष्ण  लक्ष्मीकांत…

काली माता जी के 108 नाम

काली माता जी के 108 नाम काली कापालिनी  कान्ता  कामदा  कौलिनी कामसुंदरी  कालरात्री  कालिका  कुरुकुल्ला  कामिनी  कुलीना  कुमुदा कुलकर्त्री  काम्या कृत्या कीर्ति   कुलस्त्री कार्तिकी  कामधेनु  करालिका  कुलकान्ता  करालास्या  कामार्त्ता  कलावती  कृशोदरी  कामाख्या  कौमारी कुलपालिनी  कुलजा  कुलकन्या  कलहा  कुलपूजिता  कामेश्वरी  कामकान्ता  कुब्जेश्वरगामिनी  कामदात्री  कामहर्त्री  कृष्णा  कपर्दिनी  कुमुदा  कृष्णदेहा  कालिन्दी  कुलपूजिता  काश्यपि  कृष्णमाला  कुलिशांगी  कला  क्रींरूपा  कुलगम्या …

सरस्वती माता जी के 108 नाम

सरस्वती माता जी के 108 नाम सरस्वती महाभद्रा माहमाया वरप्रदा श्रीप्रदा पद्मनिलया पद्माक्षी पद्मवक्त्रगा शिवानुजा पुस्तकधृत ज्ञानमुद्रा रमा परा कामरूपा महाविद्या महापातक नाशिनी महाश्रया मालिनी महाभोगा महाभुजा महाभागा महोत्साहा दिव्याङ्गा सुरवन्दिता महाकाली महापाशा महाकारा महाङ्कुशा सीता विमला विश्वा विद्युन्माला वैष्णवी चन्द्रिका चन्द्रवदना चन्द्रलेखाविभूषिता सावित्री सुरसा देवी दिव्यालङ्कारभूषिता वाग्देवी वसुधा तीव्रा महाभद्रा महाबला भोगदा भारती भामा…

दुर्गा माता के 108 नाम

दुर्गा माता के 108 नाम सती साध्वी भवप्रीता भवानी भवमोचनी आर्या दुर्गा जया आघा त्रिनेत्र   शूलधारिणी पिनाकधारिणी चित्रा चण्डघण्टा महातपा मन  बुद्धि अहंकारा चित्तरूपा चिता चिति सर्वमन्त्रमयी सत्ता सत्यानन्दस्वरूपिणी अनन्ता भाविनी भाव्या अभव्या सदागति शाम्भवी देवमाता चिन्ता रत्नप्रिया सर्वविद्या दक्षकन्या दक्षयज्ञविनाशिनी अपर्णा अनेकवर्णा पाटला पाटलावती पट्टाम्बरपरीधाना कलामंजीरारंजिनी अमेय विक्रमा क्रूरा सुन्दरी सुरसुन्दरी वनदुर्गा मातंगी…

शिव जी के 108 नाम

भगवान शिव जी के 108 नाम शिव महेश्वर शम्भू पिनाकी शशिशेखर वामदेव विरूपाक्ष कपर्दी नीललोहित शंकर शूलपाणी खटवांगी विष्णुवल्लभ शिपिविष्ट अंबिकानाथ श्रीकण्ठ भक्तवत्सल भव शर्व त्रिलोकेश शितिकण्ठ शिवाप्रिय उग्र कपाली कामारी सुरसूदन गंगाधर ललाटाक्ष महाकाल कृपानिधि भीम परशुहस्त मृगपाणी जटाधर कैलाशवासी कवची कठोर त्रिपुरांतक वृषांक वृषभारूढ़ भस्मोद्धूलितविग्रह सामप्रिय स्वरमयी त्रयीमूर्ति अनीश्वर सर्वज्ञ परमात्मा सोमसूर्याग्निलोचन हवि…

हनुमान जी के 108 नाम

हनुमान जी के 108 नाम आंजनेया महावीर हनूमत मारुतात्मज तत्वज्ञानप्रद धीर शूर अक्षहन्त्रे कांचनाभ पंचवक्त्र परयन्त्र प्रभेदक सर्वग्रह विनाशी भीमसेन सहायकृथे सर्वदुखः हरा सर्वलोकचारिणे मनोजवाय प्राज्ञाय रामदूत प्रतापवते पारिजात द्रुमूलस्थ सर्वमन्त्र स्वरूपवते सर्वतन्त्र स्वरूपिणे सर्वयन्त्रात्मक कपीश्वर महाकाय सर्वरोगहरा प्रभवे श्रीमते महातपसी बल सिद्धिकर कपिसेनानायक भविष्यथ्चतुराननाय कुमार ब्रह्मचारी रत्नकुण्डल दीप्तिमते गन्धर्व विद्यातत्वज्ञ महाबल पराक्रम काराग्रह विमोक्त्रे…